वर्षा जल संचयन के तरीके



1-स्वस्थानी वर्षा जल संचयन


स्वस्थानी वर्षा जल संचयन में मिट्टी और जल प्रबंधन के तरीकों में बदलाव के द्वारा , भूजल के संचय , मिट्टी की जल धारण क्षमता एवं उर्वरकता का विकास एवं कटाव में कमी लायी जाती है | संग्रहित वर्षा जल का उपयोग सिंचाई में किया जाता है
समोच्च खेती
फार्म पॉन्ड्स
टाई रिजिंग

2- प्रत्यक्ष सतह अपवाह संचयन


शहरी क्षेत्र में वर्षा का प्रवाह सतह के प्रवाह के रूप में बहता है। इस अपवाह को रोक कर उपयुक्त तरीकों के द्वारा भूजल को रिचार्ज करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है
छत का पानी संग्रह

व्यपवर्तन बांध

3- धारा प्रवाह संचय


धारा प्रवाह संचय में प्राकृतिक धाराओं में छोटे चेक बांध का निर्माण शामिल है। कृत्रिम मिनी स्टोर्स बनाकर, यह विधि आस-पास के क्षेत्रों में भूजल स्तर को फिर से भरने में मदद करता है।
चेक बांध

4-छोड़े हुए कुओं का पुन: उपयोग


छोड़े हुए कुओं के माध्यम से आसानी से भूजल के लेवल तक पहुचा जा सकता है और उसे आसानी से रिचार्ज किया जा सकता है |
वर्षा जल संचयन सिस्टम के साथ कुए
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वर्षा जल संचयन के लिए पहल